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| Article Name : | | | 'धूल पौधों पर' में नारी जीवन की विडंबना | | Author Name : | | | सुजाता फातरपेकर | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | ROR-16863 | | Article : | |  | Author Profile | | Abstract : | | | प्रसिद्ध कथाकार गोविंद मिश्र जी की यह अधुनातन कृति है। इसमें नारी जीवन की विडंबनापूर्ण स्थिति का चित्रण किया गया है। इक्कीसवीं सदी में भी हमारे समाज में नारी की स्थिति में कुछ खास परिवर्तन नहीं हुआ है। शिक्षित, आर्थिक रूप से सशक्त होकर भी पारिवारिक एवं सामाजिक मान्यताओं के बीच ग्रसित नारी अपने स्वतंत अस्तित्व के लिए छटपटाती रहती है। | | Keywords : | | |
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