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| Article Name : | | | मुद्राराक्षस नाटक में नायक के रूप में राक्षस कितना स्वीकार्य है | | Author Name : | | | वीथिका-दास-वैराग्य & डॉ. रेनू शुक्ला | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | ROR-16802 | | Article : | |  | Author Profile | | Abstract : | | | विशाखदत्त का मुद्राराक्षसम्, नाटक संस्कृतसाहित्य का एक असाधारण नाटक है। साहित्यदर्पणक विश्वनाथ ने अपनी पुस्तक साहित्यदर्पण के छठे अध्याय मे काहा है | | Keywords : | | - मुद्राराक्षस ,विशाखदत्त ,
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