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| Article Name : | | | राजेश्वरी किशोर यांच्या ‘निकोबारची नवलाई’ या पुस्तकातील ‘संस्कृती’चे दर्शन | | Author Name : | | | संध्या शशिकांत खिलारे | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | ROR-16774 | | Article : | |  | Author Profile | | Abstract : | | | साहित्य आणि समाज यांचा परस्पर संबंध असतो. म्हणूनच ‘साहित्य म्हणजे समाजाचा आरसा आहे.’ असे म्हटले जाते. | | Keywords : | | |
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